जयपुर। देश भर के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में राजस्थान में अब बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बीते 24 घंटो में जयपुर सहित अन्य इलाकों में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखा। प्रदेश में सर्द […]
जयपुर। देश भर के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में राजस्थान में अब बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बीते 24 घंटो में जयपुर सहित अन्य इलाकों में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखा। प्रदेश में सर्द हवाओं के चलने के वजह से लोग हल्के गर्म कपड़े पहने हुए भी दिख रहे है। वहीं प्रदेश के जोधपुर, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हुई है।
राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश नोखा, बीकानेर में छह mm और राजस्थान के पूर्वी इलाकों में महुआ, दौसा में भी दो mm बारिश हुई है। आज से जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार आगामी एक सप्ताह तक राजस्थान का मौसम शुष्क रहेगा। न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आगामी 48 घंटे में होने की संभावना है।
शुक्रवार को राजधानी जयपुर में टोंकरोड, मालवीयनगर, जेएलएनमार्ग पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। इसके साथ ही सूर्यदेव का लुका छिपी का दौर भी चलता रहा। वहीं दौसा शहर समेत कई कस्बों और गांवों में रिमझिम बारिश भी हुई। इस कारण प्रदेश में अब ठंड भी बढ़ गया है।
बारिश से अंकुरित गेहूं की फसल, चना और सरसों में अधिक फायदा मिलेगा। बीते कई दिनों से श्रीगंगानगर में आसमान पर छाए पराली के धुएं को बारिश ने अच्छी तरह धो दिया है। सुबह बिजली की तेज गर्जना के साथ झुंझुनूं के कुछ गांवों में रुक-रुककर बारिश भी हुई। वहीं बिजली पावर हाउस के पास खाजपुर पुराना में एक खेत में खेजड़ी के पेड़ पर आकाशीय बिजली भी गिरी।
मौसम में अचानक आए परिवर्तन के कारण सर्दी-जुकाम के मरीज भी बढ़ रहे है। बता दें कि प्रदेश में अचानक आए मौसम में परिवर्तन से तापमान में उतार चढाव का दौर भी देखा जा रहा है। इस बीच अस्पतालों में मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या भी अधिक दर्ज की जा रही है। इस कारण घरों में सर्दी-जुकाम के साथ डेंगू और वायरल बुखार का असर भी दिख रहा है।