Advertisement
  • होम
  • टॉप न्यूज़
  • Rajasthan News: 15 फरवरी को सूर्य नमस्कार में न भेजे स्कूल- जमीयत उलेमा

Rajasthan News: 15 फरवरी को सूर्य नमस्कार में न भेजे स्कूल- जमीयत उलेमा

जयपुर। 15 फरवरी यानी गुरुवार को राजस्थान में “सूर्य सप्तमी” पर सभी सरकारी स्कूलों में सामूहिक “सूर्य नमस्कार” कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। राजस्थान के स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश के बाद इस संदर्भ में माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष मोदी ने एक निर्देश जारी करते हुए स्कूल में सुबह […]

Advertisement
Do not send students to schools for Surya Namaskar on 15th February
  • February 13, 2024 8:12 am IST, Updated 1 year ago

जयपुर। 15 फरवरी यानी गुरुवार को राजस्थान में “सूर्य सप्तमी” पर सभी सरकारी स्कूलों में सामूहिक “सूर्य नमस्कार” कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। राजस्थान के स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश के बाद इस संदर्भ में माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष मोदी ने एक निर्देश जारी करते हुए स्कूल में सुबह की प्रार्थना में “सूर्य नमस्कार” कराने का आदेश सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को दिया है. ऐसे में मुस्लिम समुदाय के जमीयत उलेमा राजस्थान ने सरकार की इस फैसले को लेकर निंदा की है।

‘धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन’ – जमीयत उलेमा

राजस्थान हाई कोर्ट में जमीयत उलेमा राजस्थान समेत विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने एक संयुक्त याचिका दायर की है, याचिका में उन्होंने स्कूलों में सूर्य नमस्कार को अनिवार्य करने के निर्णय को रद्द करने की मांग की है. बयान में कहा गया है कि ‘जमीयत उलेमा इस बात पर जोर देती है कि एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में, योग और शारीरिक अभ्यास के बहाने अन्य धर्मों के लोगों, विशेषकर बच्चों पर एक विशेष धर्म की मान्यताओं को लागू करना संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है. ऐसे में बयान में यह भी कहा गया कि इसे धार्मिक स्वतंत्रता और बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन भी माना जाता है.’

‘हिन्दू समाज में होती है सूर्य की पूजा, मुस्लिम समाज में नहीं’

सूत्रों के मुताबिक बता दें कि जयपुर में हुई बैठक में प्रदेश भर से जमीयत उलेमा के नेता पहुंचे थे. प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया कि जहां हिंदू समाज में सूर्य को देवता के रूप में पूजा जाता है, वहीं मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी और की पूजा करना वर्जित मानते हैं. इसलिए, मुस्लिम उम्माह इस तरह की प्रथाओं को लागू करने की अनुमति नहीं देती है।

मुस्लिम समुदाय को शामिल करने की मांग

राज्य सरकार से संगठन ने अनावश्यक विवादों से दूर रहने के लिए योग और अभ्यास से संबंधित मुद्दों पर बैठक में मुस्लिम समुदाय को शामिल करने की भी अपील की है . इसके साथ ही संगठन ने सरकार से देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बनाए रखने के लिए इस तरह के विवादास्पद निर्देश को तुरंत वापस लेने की अपील की है।


Advertisement