जयपुर। एसिडिटी की समस्या को बहुत आम मन जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बार-बार एसिडिटी होना आपकी जान के लिए खतरा बन सकता है? बड़े- बुजुर्ग द्वारा हमेशा ये कहा जाता है कि अगर पेट स्वस्थ है तो व्यक्ति का शरीर भी स्वस्थ रहता हैं. लेकिन अगर पाचन तंत्र गड़बड़ हो […]
जयपुर। एसिडिटी की समस्या को बहुत आम मन जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बार-बार एसिडिटी होना आपकी जान के लिए खतरा बन सकता है? बड़े- बुजुर्ग द्वारा हमेशा ये कहा जाता है कि अगर पेट स्वस्थ है तो व्यक्ति का शरीर भी स्वस्थ रहता हैं. लेकिन अगर पाचन तंत्र गड़बड़ हो जाए, तो इसे नज़रअंदाज़ करना भारी पड़ सकता है, लेकिन ऐसा आइए जानते है.
अगर आपको बार-बार एसिडिटी की समस्या हो रही है, तो यह गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में पेट में बनने वाला एसिड भोजन नली तक पहुंच जाता है, जिससे अपच, उल्टी और सीने में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं लंबे समय तक इस समस्यां को नज़रअंदाज़ करना इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS), मालबसोर्पशन सिंड्रोम और एनीमिया जैसी परेशानियों को जन्म दे सकता है। इसलिए समय रहते इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
अगर आपको बार-बार सीने में जलन, पेट में दर्द, डकार आना, पेट फूलना, मतली, उल्टी या गले में जलन जैसी समस्याएं हो रही हैं. तो ये एसिडिटी के लक्षण हो सकते हैं।
एसिडिटी से बचने के लिए क्या करें
एसिडिटी से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे आपके लिए बेहद कारगर साबित हो सकते हैं:
1. गिलोय: औषधीय गुणों से भरपूर गिलोय पाचन को सुधारने और एसिडिटी को दूर करने में मदद कर सकता है।
2. पुदीना: इसकी ठंडी तासीर पेट को शांत करती है और एसिडिटी से राहत देती है।
3. नारियल पानी: यह पेट में एसिड की मात्रा को नियंत्रित करने में सहायक होता है।
4. गुड़ और अजवाइन: दोनों ही पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मददगार होते हैं।
5. जीरा और दही: ये एसिडिटी को नियंत्रित करने और पेट की जलन को शांत करने में असरदार होते हैं।